Healthy Eating ( स्वस्थ आहार )

As per Ayurveda “food can act as medicine if consumed properly.” If we eat food suited to our prakriti (physiology), and follow a sattvic (life supporting) routine that improves digestion, our body will reap the benefits and our days will be happier, healthier and filled with real vitality — at any stage of life. To help with consumption of right food in right quantity and at right time, we have created this section where we would provide tips on a weekly basis.


Tip of the week


Week: 9

पेट के रोग जैसे कब्ज़, एसिडिटी, गैस, irritable bowel syndrome आदि से पीड़ित व्यक्ति को, खांसी जुकाम एवं श्वास रोग से पीड़ित व्यक्ति को, मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को, सूजन, कमजोरी एवं खून की कमी से पीड़ित व्यक्ति को जल का सेवन कम से कम करना चाहिए|


Week: 8

किसी भी बीमारी पीड़ित रोगी को अथवा कमजोर व्यक्ति को कच्चा पानी यानी की unboiled water कम मात्रा में भी नहीं पीना चाहिए| ऐसा करने से उसके शरीर में रोग उत्पादक दोष कुपित होकर उसे और अधिक बीमार कर देते हैं|


Week: 7

भोजन से पहले जल नहीं पीना चाहिए| ऐसा करने से पाचक अग्नि मन्द हो जाती है और शरीर कमजोर होता जाता है| पूरा भोजन करके अंत में भी जल नहीं पीना चाहिए, ऐसा करने से शरीर मोटा होता जाता है| भोजन से साथ अल्प मात्रा में धीरे धीरे जल का सेवन करने से शरीर की धातुएं सम्यक बनी रहती है और अन्न भी आराम से पाच जाता है|


Week: 6

विभिन्न प्रकार नमक में सेंधा नमक, विभिन्न प्रकार के चावलों में शाली एवं शस्तिक चावल, विभिन्न दालों में मूंग की दाल, फलों में आंवला फल, आटों में जौ का आटा, दूधों में गाय का दूध और मीठे में मधु यानी की शहद सर्वोत्तम सबसे अच्छा माना गया है|


Week: 5

यावहारिक रूप से की भी व्यक्ति को पेट भर के भोजन नहीं खाना चाहिए और ना ही भोजन करके पेट भर पानी पीना चाहिए| इस प्रकार खाया गया खाना ठीक से नहीं पचता और अपच संबंधी अनेको रोग शरीर में उत्पन्न हो जाते हैं|


Week: 4

कोई भी व्यक्ति अपने द्वारा खाए गए खाने को ठीक से पचा पा रहा है इसका निर्धारण शरीर में हल्केपन की अनुभूति, कार्य करने का उत्साह, सुगमता से सही समय पर मल-मूत्र की प्रवृति का होना एवं सही समय पर प्राकृतिक रूप से भूख और प्यास का लगना, इत्यादि लक्षणों से कर सकता है|


Week: 3

किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के लिए आहार की सही मात्रा कितनी हो यह उसकी पाचक अग्नि के बल से निर्धारित होता है| कहने का अभिप्राय यह है कि जितनी मात्रा में कोई व्यक्ति अन्न को अच्छे प्रकार से पचा सके उतनी ही मात्रा को उस व्यक्ति के लिए आहार की सही मात्रा मानना चाहिए|


Week: 2

आज के परिवेश में यदि आहार द्रव्यों की गुणवत्ता की बात करें तो दुर्भाग्य से हमारा भोजन प्राकृतिक कम और रासायनिक एवं मिलावट-युक्त अधिक हो गया है| इस प्रकार के भोज्य पदार्थों से ना केवल हम पोषण-आभाव में हैं बल्कि अनेक रोगों से घिरते भी चले जा रहे हैं| अतः वह कोई भी व्यक्ति जो अपने अच्छे स्वास्थय को बनाए रखना चाहता है उसे भोज्य पदार्थों को प्राकृतिक एवं शुद्धतम रूप में प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए|


Week: 1

किसी भी व्यक्ति को भोजन करते हुए ५ बातों का ध्यान रखना चाहिए:


  • आहार की गुणवत्ता का
  • आहार की मात्रा का
  • आहार द्रव्यों के संयोग का
  • खाने के सही समय का
  • खाना खाने की सही विधि का

इन पांच बातों मे से किसी भी तरह की अनियमितता या त्रुटि से शरीर को आहार का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता|